19-03-2020 Thursday

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के ऎहतियाती उपाय जारी, जैसलमेर जिले में धारा 144 के प्रावधान लागू, जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने जारी किए आदेश

जैसलमेर, 19 मार्च/कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के मद्देनज़र जैसलमेर जिले में व्यापक स्तर पर ऎहतियाती उपाय युद्धस्तर पर जारी हैं। इसी के तहत जिला मजिस्ट्रेट (जिला कलक्टर) नमित मेहता ने एक आदेश जारी कर जैसलमेर जिले में तत्काल प्रभाव से धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा जारी कर दी है।

आदेश के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने तथा राजस्थान सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में धारा 144 के तहत प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी किये जाने के निर्देशों की अनुपालना में यह जरूरी हो गया है कि उक्त कोरोना वायरस (कोविड - 19) संक्रमण से आमजन को सुरक्षा प्रदान करने  तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षार्थ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।

इसे देखते हुए  दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जैसलमेर जिले की समस्त राजस्व सीमाओं में स्थित सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थानों एवं अन्य आमजन के द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में एकत्रित होने वाले व्यक्तियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई है।

निषेधाज्ञा के अनुसार किसी भी सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थल पर जिला मजिस्ट्रेट अथवा संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की  बिना किसी पूर्व अनुमति के 20 से अधिक व्यक्ति सामूहिक विचरण नहीं करेंगे। जिले के सभी राजकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय व मदरसे बन्द रहेंगे।

जिले में समस्त पर्यटन स्थल, संग्रहालय, ऎतिहासिक स्मारक, किले, पशु हंटवाडे, पार्क, खेल मैदान, चिड़ियाधर, स्पा, अभ्यारण्य, सार्वजनिक मेले, स्वीमिंग पूल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक केन्द्र, कोचिंग सेन्टर, जिम, सिनेमाघर आदि 31 मार्च 2020 तक बन्द रहेंगे एवं सार्वजनिक व धार्मिक स्थानों पर आयोजित होने वाले मनोरंजन के कार्यक्रम, थियेटर में होने वाले नाटक मंचन आदि कार्यक्रम भी स्थगित रहेंगे।

आदेश के अनुसार सभी सरकारी, अद्र्ध सरकारी संगठनों स्वयंसेवी संगठनों एवं अन्य कार्यालय के ऎसे कार्यक्रम जिनमें 20 से अधिक सख्या में नागरिकों के भाग लेने की संभावना है का आयोजन नहीं किया जाएगा। जिले के समस्त आम नागरिक अपने पारिवारिक समारोह / आयोजन यथासंभव छोटे रखें एवं 20 से अधिक मेहमानों को आमंत्रित नहीं करें।

इसी प्रकार जिले के समस्त स्वायत्तशासी निकायों/स्वयंसेवी संस्थाओं को आदेशित किया गया है कि वे भी अपने स्तर पर नाटक मंचन, थियेटर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करेंगे। जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्र तथा मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र भी 31 मार्च तक तक बन्द रहेंगे, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका अपने केन्द्र के दैनिक कार्य विधिवत रूप से संपादित करेंगी।

यह स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, चिकित्सा संस्थान, पोस्ट ऑफिस. बैंक, सरकारी व अन्य सार्वजनिक कार्यालयों एवं अनुमत परीक्षाओं की स्थिति में परीक्षा कक्षों में अधिकृत एवं सद्भावी व्यक्तियों की उपस्थिति की स्थिति में लागू नहीं होगा ।

इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत अभियोग चलाया जायेगा।

जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने सभी संबद्ध विभागों को निर्देश दिए हैं कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जन को सूचित कराएं। सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने कार्यालय एवं निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के नोटिस बोर्ड, रेल्वे स्टेशन बस स्टेण्ड पोस्ट ऑफिस एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर इस आदेश को चस्पा कराएं।

तत्काल प्रभाव से अमल में आया यह आदेश 31 मार्च अथवा आगामी आदेशों तक (जो भी पहले हो) सम्पूर्ण जैसलमेर जिले की सीमा में प्रभावशील रहेगा।

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25 मार्च से 2 जून तक 70 दिवस के लिए होगी नहरबंदी,

पीने योग्य पानी का भण्डारण करने के निर्देश

जैसलमेर, 19 मार्च/इन्दिरा गांधी फीडर (पंजाब भाग व राजस्थान भाग) व इन्दिरा गांधी मुख्य नहर में रि-लाईनिंग कार्य करवाये जाने के लिए 25 मार्च से 2 जून तक 70 दिवस की नहरबंदी की जाएगी।

इन्दिरा गांधी नहर परियोजना बीकानेर के मुख्य अभियंता ने बताया कि 23 मार्च को नहरों में पूर्ण क्षमता से पीने के लिए पानी प्रवाहित होगा। उन्हाेंने सभी काश्तकारों, जनसाधाराण एवं सभी संबंधित विभागाें से आग्रह किया है कि नहरबंदी के मद्देनज़र पीने एवं अन्य कार्यो के लिए पानी का समुचित भण्डारण कर लिया जाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि 26 मार्च से 3 मई तक इन्दिरा गांधी फीडर (राजस्थान भाग) एवं इन्दिरा गांधी मुख्य नहर में आंशिक नहर बंदी होगी, जिसमें नहरों में आश्यकतानुसार सिर्फ पीने के लिए पानी प्रवाहित किया जायेगा एवं नहरों को वरीयता/आश्यकतानुसार पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्हाेंनेबताया कि 4 मई से 2 जून तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी, जिसमें इन्दिरा गांधी नहर प्रणाली की समस्त नहरें बंद रहेंगी। उन्होंने समस्त स्थानीय पानी के स्रोतों, विभागीय पेयजल स्रोतों यथा डिग्गी टांके इत्यादि में भण्डारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी काश्तकारों से भी कहा है कि 23 मार्च से 3 मई तक नहरों में केवल पीने के लिए पानी चलाया जाएगा तथा इस दौरान सिंचाई के लिए पानी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

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जैसलमेर के आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश,

25 मार्च तक पेश करें बिल

जैसलमेर, 19 मार्च/कोषाधिकारी देवकृष्ण पंवार ने जिले के सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने कार्यालयों से संबंधित बिलों को हर हाल में 25 मार्च तक कोष कार्यालय को भिजवा दें।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 का अन्तिम माह चल रहा है। इसके संबंध में जिले के समस्त आहरण वितरण अधिकारियों को अपने बिलों के सम्बन्ध में बिलकोष/उपकोष द्वारा आक्षेपित किये जाते हैं उन्हें पे-मेनेजर के डी.डी.ओ. लॉगिन में ऑथोराईजेशन में जाकर बिल का स्टेटस चेक कर कोष/उपकोष से समय पर प्राप्त करके आक्षेप की पूर्ति कर कोष/उपकोष में भिजवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि कोष/उपकोष से बिलों का भुगतान करने के बाद यदि किसी कार्मिक/फर्म का ट्रांजक्शन बैंक डिटेल गलत होने के कारण आर.बी.आई. द्वारा रिजेक्ट किया जाता है तो उसकी एडवाईज जनरेट कर मार्च माह में ही कोष/उपकोष में भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि कोष/उपकोष से सम्बन्धित को समय पर भुगतान किया जा सके।

कोषाधिकारी पंवार ने बिलाें की अधिकता के मद्देनज़र पारित होने में संभावित कठिनाइयाें से बचने के लिए सभी तरह के बिल कोष/उपकोष को 25 मार्च तक भिजवाना सुनिश्चित करने को कहा है। वित्तीय वर्ष के अन्तिम चरण के राजकीय संव्यवहारों में पूर्ण शुद्धता व समय पर सम्पादन किये जाने के लिए आहरण-वितरण अधिकारी व्यक्तिशः उत्तरदायी होंगे।

उन्हाेंने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पे मैनेजर पोर्टल पर कार्मिकों एवं अधिकारियों का मास्टर डाटा सर्विस बुक से जांच कर पूर्ण शुद्धता निर्धारण करें। साथ ही वित्त विभाग के परिपत्रों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए समस्त अपेक्षित कार्यवाही अतिशीघ्र सम्पादित करें, जिससे संवेतन माह अप्रैल देय मई 2020 की संवेतन आहरण प्रक्रिया प्रभावित न हो।

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कोरोना वायरस संक्रमण से रोकथाम के लिए जैसलमेर में अभियान जोरों पर,

प्रशासन, चिकित्सा एवं पुलिस की संयुक्त कार्यवाही,

जैसलमेर शहर में 10 टीमों ने किया 45 होटलों का आकस्मिक निरीक्षण,

जैसलमेर, 19 मार्च/ कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए जैसलमेर जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित तमाम जरूरी महकमों द्वारा व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है।

जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशानुसार गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व पुलिस की 10 संयुक्त टीमों ने जैसलमेर शहर की 45 होटलों व गेस्ट हाउसेज का आकस्मिक निरीक्षण किया और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों की पालना से संबंधित जानकारी ली।

रिकार्ड किया जब्त

शहर के ढिब्बा पाड़ा स्थित होटल रावल पैलेस में सहायक निदेशक(लोक सेवाएं) भारतभूषण गोयल के नेतृत्व में गठित टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया और निर्धारित रिकार्ड संधारण नहीं पाए जाने पर रिकार्ड जब्ती की कार्यवाही की। इस दल में यूएनएफपीए के समन्वयक परमसुख सैनी भी साथ थे।

गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी. विश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश, नगर परिषद आयुक्त बृजेश राय, नगर विकास न्यास के सचिव अनुराग भार्गव, जैसलमेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी हीराराम कलबी, सम पंचायत समिति के विकास अधिकारी सुखराम विश्नोई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. बारूपाल, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी(परिवार कल्याण) डॉ. आर.पी. गर्ग, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. एम.डी. सोनी आदि अधिकारियों के नेतृत्व मेंं गठित निरीक्षण टीमों ने शहर की 45 होटलों व गेस्ट हाउसेज का आकस्मिक निरीक्षण किया।

इन टीमों ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए जारी निर्देशों की अनुपालना के बारे में विस्तार से जांच की और निर्देश दिए कि एडवाईजरी की पूरी-पूरी पालना सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान यह चेतावनी भी दी गई कि निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर गेस्ट हाउसेज व होटलों को सीज करने की कार्यवाही अमल में लाए जाने के साथ ही कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

पाँच टीमों ने जाँची 64 होटलें

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग से गठित पांच टीमों ने भी शहर की 64 होटलों का आकस्मिक निरीक्षण किया और कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी ली तथा इस बारे में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।

जांच जारी रहेगी, होगी कानूनी कार्यवाही

जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि इनकी जांच में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित कराने के लिए आकस्मिक जांच चल रही है। सभी संस्थाओं, गेस्ट हाउस एवं होटलों आदि को निर्देशित किया गया है कि कोरोना संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए ऎहतियाती उपायों और एडवाइजरी की पूरी-पूरी पालना सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता में है और इसके लिए हरसंभव कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

उन्हाेंने बताया कि गेस्ट हाउस एवं होटलों की जांच के लिए प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व डॉक्टरों तथा पुलिस को शामिल कर संयुक्त जांच दल बनाए गए हैं। इनके द्वारा निरीक्षण में ऎहतियाती उपायों की पालना के बारे में जानकारी ली जा रही है और जो कमियां पाई जा रही हैं उन्हें ठीक करने के लिए कहा जा रहा है। इसके अलावा एडवाइजरी की पालना के प्रति शिथिलता बरतने वाले गेस्ट हाउस और होटलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

इन गेस्ट हाउस और होटलों वालों को निर्देशित किया गया है कि स्वच्छता प्रबन्धन पर विशेष ध्यान दिया जाए, रोजाना एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराइड मिश्रित रसायन का पोंचा समय-समय पर लगवाया जाए, होटल में आने वाले विदेशी पर्यटकों से सी फार्म व सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म अनिवार्य रूप से भरवाए जाएं, हैण्ड सेनेटाईजर और मॉस्क का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, होटल संचालकों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना नहीं करने तथा अव्यवस्थाएं पाए जाने व अनियमितता या लापरवाही पायी जाने पर उन्हें सीज करने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जिला प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाईजरी की अक्षरशः पालना कराने के प्रति सजग है और इस दिशा में पूरी गंभीरता बरती जा रही है।

जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में गेस्ट हाउसेस एवं होटलों आदि के आकस्मिक निरीक्षण के दौर निरन्तर जारी रहेंगे और जहां कहीं कोई कमी पाई जाएगी, ठोस कानूनी कार्यवाही की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। अनियमितता पाए जाने पर इन्हें सीज कर दिया जाएगा।

गड़ीसर व पार्क से हटाई गई भीड़

गुरुवार को गड़ीसर एवं शहर के पार्क से भीड़ को हटाया गया तथा हिदायत दी गई कि सार्वजनिक स्थानों पर समूहों में बैठने से बचें।

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कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए एडवाईजरी का हो रहा व्यापक प्रचार-प्रसार,

जिला कलक्टर ने दी सख्त चेतावनी,

कहा - एडवाईजरी की अवहेलना की तो होेगी कानूनी कार्यवाही

 

      जैसलमेर, 19 मार्च/कोरोना वायरस से बचाव व रोकथाम के ऎहतियाती उपायों के अन्तर्गत जैसलमेर जिले में व्यापक स्तर पर लोक जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाईजरी का अक्षरशः पालन कराने के लिए हर स्तर पर जन चेतना जगाई जा रही है। विभिन्न माध्यमों से गांवों और शहरों में विभागों, संस्थाओं और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को बचाव के तरीकों के बारे में अवगत कराया जा रहा है।

जिले में इस दिशा में एक तरफ व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोक जागरण गतिविधियां परवान पर हैं वहीं दूसरी ओर संक्रमण रोकने के लिए जारी एडवाइजरी की पालना नहीं करने वाले संस्थानों, गेस्ट हाउस और होटलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

      जिला कलक्टर ने बताया कि  कोरोना संक्रमण (कोविड 19) की रोकथाम ही इस बीमारी से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। इस हेतु यह आवश्यक है कि लोग आपस में मिलते समय सुरक्षित दूरी रखें व यथासंभव भीड़भाड वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि संक्रमण न फैलने पाए। मिलते समय आपस में दूरी बनाये रखने के प्रभावी क्रियान्वयन से समुदाय में इस बीमारी के फैलाव,  अस्वस्थता व मृत्यु जैसी स्थितियों को कम किया जा सकता है, अथवा रोका जा सकता है।

      जिला कलक्टर ने बताया कि एडवाइजरी के अनुसार आपस में मिलते समय हाथ मिलाना तथा गले लगने जैसे अभिवादनों से बचें, स्वच्छता तथा सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाये रखेंं। सार्वजनिक स्थलों पर ज्यादा लोग इकट्ठा होने से बचें।

      सरकार ने इसके लिए यह विकल्प दिया है कि निजी क्षेत्र के संगठन/नियोक्ता कर्मचारियों को यथा संभव घर से कार्य करने की अनुमति प्रदान करें। बैठकों का आयोजन यथा संभव वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से किया जाए।  रेस्टोरेन्ट अथवा होटल/ढाबाें के प्रबन्धक यह सुनिश्चित करें कि बार-बार छूने वाली सतहों की सफाई तथा हैंड वॉश प्रोटोकोल का पालन हो। साथ ही दो टेबलों के मध्य कम से कम एक मीटर दूरी/सुरक्षित दूरी का फासला रखें एवं ग्राहकों को यथा सम्भव खुली हवा में बैठने के लिए प्रोत्साहित करें।

      यह भी कहा गया है कि आमजन पूर्व नियोजित शादियों एवं समारोह में आंगतुकों की संख्या यथा संभव सीमित रखें। सभी आयोजक गैर आवश्यक सांस्कृतिक तथा सामाजिक समारोह को यथा संभव स्थगित रखें।

      जिला कलक्टर ने बताया कि सब्जी मण्डी, अनाज मण्डी, अन्य बाजाराें में भीड़ भाड़ न हो, सभी व्यवसायिक गतिविधियों में ग्राहकाें के मध्य एक मीटर दूरी रखी जाए। आमजन गैर जरूरी यात्राओं से बचें एवं सार्वजनिक परिवहन यथा बस, रेलगाडी, हवाई जहाज में सुरक्षित दूरी बनाकर यात्रा करें। इन परिवहन वाहनों की सतहों को नियमित एवं उचित रूप से विसंक्रमित करने के निर्देश दिए हैं।

      उन्होंने बताया कि समस्त चिकित्सा संस्थानों द्वारा कोरोना वायरस से सम्बंधित समस्त प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है तथा मरीज से मिलने वाले परिजनों, मित्र एवं बच्चों को प्रतिबंधित किया जा रहा है।  ऑनलाइन सेवा प्रदाता कम्पनियों में होम डिलेवरी का कार्य करने वाले पुरुषों और महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जा रहे हैं।

      यह निर्देश भी दिए गए हैं कि नोटों एवं पत्रावलियाें के पृष्ठ पलटने के लिए पानी के स्पंज का उपयोग किया जाए तथा इसे दैनिक रूप से विसंक्रमित किया जाए। सभी राजकीय/निजी क्षेत्र के कार्यालय/चिकित्सालयों में बायोमेट्रिक्स उपस्थिति बन्द किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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