12-03-2020

जन सूचना पोर्टल पर अब एक क्लिक पर मिलेंगी सूचनाएं जैसलमेर में जिलास्तरीय अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण योजना की जानकारी पाएं, मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करें - जिला कलक्टर

जैसलमेर, 12 मार्च/मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुसार लोकसेवकों की जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों, प्राधिकरणों और निगमों में लाए गए कानून के अन्तर्गत जन सूचना पोर्टल के बारे में जिलास्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण गुरुवार को जैसलमेर जिला कलक्ट्री सभागार में जिला कलक्टर नमित मेहता एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग की मौजूदगी में आयोजित किया गया।

जिला कलक्टर नमित मेहता ने इस अवसर पर कहा कि जन सूचना पोर्टल एक ऎसा प्रयास है जिस पर विभिन्न विभागों की सूचनाएं एक प्लेटफार्म पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वर्तमान में 27 विभागों की 52 योजनाओं से संबंधित 145 प्रकार की जानकारी जन सूचना पोर्टल पर उपलब्ध है।

       उन्होने आमजन एवं अधीनस्थ अधिकरियों/कर्मचारियों से कहा कि इस योजना की जानकारी पाएं और इससे संबंधित मोबाईल एप्लीकेशन डाउनलोड करें। जिला कलक्टर ने बताया कि आमजन इस पोर्टल का उपयोग करके पेंशन, श्रम विभाग, मनरेगा, शौचालय का भुगतान, बिजली बिल, पालनहार योजना, राशन, गिरदावरी, जमाबन्दी, ई-मित्र इत्यादि सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देख सकता है।

सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग की प्रोग्रामर श्रीमती जयश्री द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

       प्रारंभ में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के सिस्टम एनालिस्ट (संयुक्त निदेशक) आशुतोष गौतम ने ऑनलाईन जन सूचना पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण में अधिकारियों को जन सूचना पोर्टल के बारे जानकारी दी और ब्लॉक एवं ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया और बताया कि इस पोर्टल के लिए किसी लॉग ईन की आवश्यकता नहीं है।

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पंचायत आम चुनाव-2020

जैसलमेर जिले की 30 ग्राम पंचायतों में आम चुनाव रविवार को,

निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने तक धारा 144 के प्रावधान लागू

­­जैसलमेर, 12 मार्च/जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने पंचायत आम चुनाव-2020 को शांतिपूर्वक, स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न करवाने के लिए जैसलमेर जिले की 30 पंचायतों में (जहां चुनाव होने हैं) में तत्काल प्रभाव से धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह निषेधाज्ञा चुनाव सम्पन्न होने तक प्रभावी रहेगी।

जिला मजिस्ट्रेट मेहता की ओर से जारी आदेश के मुताबिक पंचायत आम चुनाव के दौरान संबंधित क्षेत्रों एवं वर्गो के मतदाता बिना किसी आतंक एवं भय के अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप से कर सकें, इसके लिए असामाजिक, अवांछित एवं समाज विरोधी तत्वों की गैर कानूनी गतिविधियों को नियन्ति्रत करने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है।

इसके तहत कोई भी व्यक्ति जैसलमेर जिले की राजस्व सीमा के भीतर अपने पास विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, राईफल, बन्दूक, एम.एल.गन एवं अन्य घातक हथियार जैसे गण्डासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बघनखा, जो किसी भी धातु का बना हो आदि तथा विधि की ओर से प्रतिबन्धित हथियार और मोटे घातक हथियार, लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घूमेगा, न ही प्रदर्शन करेगा और न ही प्रयोग करेगा।

आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजक नारे नहीं लगाएगा, न ही ऎसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा और न ही ऎसे किसी पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवायेगा, न ही वितरण करेगा या वितरण करवायेगा और न ही एम्पलीफायर, रेडियो, टेप रिकार्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट, सीडी या अन्य किसी दृश्य-श्रव्य इलेक्ट्रोनिक साधनों या इन्टरनेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा

आदेश के अनुसार कोई भी किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मादक पदार्थो का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करायेगा, न ही अन्य किसी को दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग के लिए सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा तथा सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा।

इसके अलावा वृद्ध, अपाहिज एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं, लाठी का उपयोग चलने में सहारा लेने के लिए कर सकेंगे। वहीं सिख समुदाय के लोगां को धार्मिक परम्परा के अनुसार कृपाण धारण करने की छूट होगी।

इसी प्रकार यह आदेश पर्वो के दौरान सक्षम स्वीकृति के तहत आयोजित धार्मिक समारोह, जुलूसों व कार्यक्रमों पर लागू नहीं होगा।

आदेश में कहा गया है कि उपखंड अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रयोजन के लिए जुलूस, रैली, सभा, धरना आदि का आयोजन नहीं करेगा। परन्तु यह प्रतिबंध विवाह समारोह, शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। साथ ही इस प्रकार की प्रत्येक सभी/जुलूस एवं सार्वजनिक मीटिंग की अनुमति आदर्श आचार संहिता एवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशाें की पालना के अन्तर्गत होगी, जिसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति देने वाले अधिकारी द्वारा किया जायेगा एवं सक्षम मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी उसकी पालना सुनिश्चित करवायेंगे। ऎसे में प्रत्येक आयोजन की वीडियोग्राफी उपखण्ड/तहसील स्तरीय आदर्श आचार संहिता टीम द्वारा करवानी भी प्राधिकृत अधिकारी (उपखण्ड मजिस्टे्रट) द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। ऎसी प्रत्येक अनुमति की प्रति खर्चा (निर्वाचन) व्यय के संबंध में सूचना नोडल अधिकारी को उपलब्ध करवाई जाना सुनिश्चित करेंगे।

आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्स एप, यूट्यूब आदि के माध्यम से किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा। मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों या अन्य धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार मंच के रूप में नहीं किया जायेगा। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञा पत्र नवीनीकरण के लिए आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाने में जमा करवाने के लिए जो जाने पर लागू नहीं होगा। यह आदेश उन व्यक्तियाें पर जो राजकीय ड्यूटी के दौरान अपने पास हथियार रखने को अधिकृत है उन पर लागू नहीं होगा।

उन्होेंन बताया कि इस आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 198 के अन्तर्गत अभियोग चलाया जा सकेगा।

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