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मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के कारण हुआ जल समस्या का स्थाई समाधान

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायत भू का केलाई तालाब का हुआ जीर्णोद्वार, पानी से भरा तालाब।

            जैसलमेर। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान  केवल  शहरी  क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के परम्परागत ऐतिहासिक और  दर्शनीय जलाशयों की कायापलट करने में अहम भूमिका निभा रहा हैं। राजस्थान के क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बडे एवं रेगिस्तान के रेत के समन्दर में फेले जैसलमेर जिले के पालीवाल  जाति  द्वारा  निर्मित  जलाशय  जो  आंचलिक लोक संस्कृति, धार्मिक एवं सामाजिक परम्पराओं के निर्वहन में अहम भूमिका निभाते रहें हैं। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में इन जलाशयों के मौलिक सौन्दर्यकरण को निखारने और इन्हें आबाद कर जल संरक्षण की प्रभावी मुहिम रंग ला रही हैं इस अभियान के तहत जैसलमेर जिले की पंचायत समिति जैसलमेर के ग्राम पंचायत भू का केलाई तालाब जिनकी दशा सुधारने के लिये ग्राम पंचायत की अनुशंषा पर 9 लाख रूपये की राशि वर्ष 2016-17 में स्वीकृत हुई। केलाई तालाब ग्राम वासियों के दिलों से गहरा जुडा हुआ हैं। 

        इस तालाब का पानी लोगों एवं मवेशियों के पीने के काम आने के साथ ही  तालाब दर्शनीय है एवं मोर्निग वाक की दृष्टि से गांव वालों की पहली पसंद हैं। जिसके कारण तालाब की खुदाई लोगो के लिये खास मायने रखता हैं। ताकि गर्मी की ऋतु में जब चारों और पानी की किल्लत रहती हैं तब इस तालाब का पानी काम आयेगा जिससे लोगों को समस्याओं का सामना नही करना पडेगा साथ ही आर्थिक फायदा भी होगा।

      जैसे ही मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत यह तालाब बन कर तैयार हुआ और इन्द्र देवता की कृपा  हो गई और तालाब पानी से लबालब भर गया, जिससे ग्रामीण प्रफुल्लित हो उठे उनकी खुशियों का ठिकाना भी नहीं रहा। इससे पहले इस तालाब का पानी जल्दी ही सूख जाता था परन्तु अब लोगों को पूरा विश्वास हो उठा हैं कि अब यह पानी 12 माह नहीं सूखेगा।

       मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के कारण खोदे गये इस तालाब मे भरे हुये पानी को देखकर लोगों मे खुशी का माहौल हैं। वे सरकार की इस अभिनव पहल एवं अपने परिश्रम का फल प्राप्त कर भविष्य में पानी की चिन्ता से राहत महसूस कर रहे हैं।

       ग्राम पंचायत सरपंच हनीफा ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान से पहले इस तालाब की पाल में कई तरह के कटाव थे जिसके कारण पानी ठहर ही नहीं पाता था जिसके कारण पानी जल्दी सूख जाता था। पानी की आवक बहुत ही कम थी तथा आसपास भी पानी का लेवल बहुत ही नीचा चला गया था।

      सरपंच नें कहा कि अब वर्षा का पानी संग्रहित होने से हमारा सिंचाई का क्षेत्रफल भी बढा जिससे उत्पादन भी बढेगा। लम्बे समय से उपेक्षा की शिकार केलाई तालाब की मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के कारण तस्वीर ही बदल गई और देखते ही देखते ग्रामवासियों का वो सपना भी साकार हो गया जिससे वो सोच रहे थे कि वो दिन भी आयेगा जब केलाई तालाब वापिस बनकर तैयार होगा तथा उनके सौन्दर्य में भी निखार आयेगा।

   इस प्रकार मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के कारण लोगों का सपना सच हो गया। तथा साथ ही जल की समस्या का स्थाई समाधान भी हो गया।